आदिमानव काल के शैलचित्र मिलते हैं शिवपुरी की इस जगह जानिए। - My shivpuri

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Wednesday, April 29, 2020

आदिमानव काल के शैलचित्र मिलते हैं शिवपुरी की इस जगह जानिए।


भूराखोह

भूराखोह शिवपुरी

जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर ए. बी. रोड पर ग्वालियर की ओर यह प्राकृतिक स्थल स्थित है। नैसर्गिक परिवेश में पानी ने पत्थर की चट्टानों को काटकर एक खोह का रूप धारण कर लिया है जो देखने में बड़ी आकर्षक लगती है। घने जंगल मे स्थित इस प्राकर्तिक सौन्दर्य स्थली के समीप ही शिव आराधना के लिए एक शिव मंदिर बना हुआ है। यहां भी पिकनिक मनाने बालों कि भीड़ अकसर देखने को मिलती है।

भूराखोह shivpuri

यह स्थान शिवपुरी के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थानों में से एक है। यहाँ एक चित्रित शैलाश्रय है, जिसे सर्वप्रथम प्रकाश में लाने का श्रेय प्रा. भा. इ. सं. एवं पुरातत्व अध्ययनशाला की उपाचार्य डॉ. विजया केशव सिन्हा को जाता है। वर्तमान में शैलाश्रय में एक शिवमंदिर है। इसी मंदिर की छत पर शैलचित्र बने हुए हैं। जो वर्तमान में दीवारों पर अत्यधिक चूना पुता होने के कारण दृष्टिगत नहीं होते। यहां जो चित्र प्राप्त होते हैं उन्हें बनाने के लिए लाल गेरुए रंग का प्रयोग किया गया है। चित्रों में जंगली भैंसा, हिरण कुछ अस्पष्ट मानव आकृतियां मुख्य हैं। काल निर्धारण की दृष्टि से यहाँ से प्राप्त चित्रों को ताम्रपाषाण काल में रखा जा सकता है।

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