शिवपुरी में हुई थी अमर शहीद तात्याटोपे के मुकदमे की सुनवाई और फाँसी और शिवपुरी में ही है तात्याटोपे स्मारक।

शिवपुरी में हुई थी अमर शहीद तात्याटोपे के मुकदमे की सुनवाई और फाँसी और शिवपुरी में ही है तात्याटोपे स्मारक।

शिवपुरी में हुई थी अमर शहीद तात्याटोपे के मुकदमे की सुनवाई और फाँसी और शिवपुरी में ही है तात्याटोपे स्मारक।
Tuesday, April 28, 2020


अमर शहीद तात्याटोपे स्मारक


अमर शहीद तात्याटोपे स्मारक

1857 के स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी वीरवर तात्याटोपे की एक विशाल प्रतिमा शिवपुरी नगर के राजेश्वरी  मार्ग पर माँ राजेश्वरी के मंदिर के समीप प्रतिस्थापित की गई है।
गुरिल्ला युद्ध के प्रणेता तात्याटोपे ने प्रथम स्वतंत्रता संग्रसम में अंग्रेजों की नाक में दम कर रखा था, महारानी लक्ष्मीबाई के साथी इस सेनानी को आने ही एक साथी के विश्वास घात का शिकार होना पड़ा। कलेक्ट्रेट के पास बने एक भवन (  वर्तमान में सिविल सर्जन निवास ) में उनके मुकदमे की सुनवाई की गई थी और यहीं एक पेड़ से लटकाकर 18 अप्रैल 1859 को उन्हें फांसी दे दी गई थी।

अमर शहीद तात्याटोपे स्मारक

इस स्मारक का शिलान्यास 18 अप्रैल 1968 को श्रीमती विजयराजे सिंधिया द्वारा हुआ तथा अनावरण 26 जनवरी 1970 में को म. प्र. के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल द्वारा किया गया।

मध्यप्रदेश सरकार प्रतिवर्ष 18 व 19 अप्रैल को इसी स्थान पर तात्याटोपे समारोह का आयोजन करती है। जिसमें उनसे संबंधित हथियारों व अभिलेखों की प्रदर्शनी के साथ साथ कवि सम्मेलन व मुशायरा भी आयोजित किया जाता है।

शिवपुरी में हुई थी अमर शहीद तात्याटोपे के मुकदमे की सुनवाई और फाँसी और शिवपुरी में ही है तात्याटोपे स्मारक।
4/ 5
Oleh