सरस्वती देवी का निवास स्थान माना जाता है सुरवाया की गढ़ी जानिए। - My shivpuri

Breaking

Friday, May 1, 2020

सरस्वती देवी का निवास स्थान माना जाता है सुरवाया की गढ़ी जानिए।


सुरवाया की गढ़ी


सुरवाया की गढ़ी


शिवपुरी से लगभग 18 किलोमीटर दूर शिवपुरी झांसी मार्ग पर स्थित सुरवाया गांव में समीप स्थित गढ़ी और मंदिर भी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। यह आजकल जीर्णशीर्ण अवस्था में है। गढ़ी की संरचना और स्थापत्य कला से स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है कि अपने समय मे यह जगह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में जानी जाती रही होगी। पुराने लोगों का मानना है कि यह स्थान किसी समय ज्ञान की देवी सरस्वती का वास स्थान था किंतु गढ़ी और मंदिर की वर्तमान दशा ऐसा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं करती।

प्राचीन काल मे इसका नाम सरस्वती पत्तन था शायद इसीलिए लोगों में यह धारणा बनी हो।


सुरवाया की गढ़ी


गढ़ी के दक्षिण पूर्वी कोने में एक शैव मठ भी स्थित है।
यहां एक प्रसिद्ध मंदिर स्थित है जो भगवान शिव को समर्पित है, यह मंदिर ऐतिहासिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण है।


सुरवाया की गढ़ी

इस मंदिर की कला और स्‍थापत्‍य बेहद सुंदर है जबकि मंदिर काफी प्राचीन है लेकिन फिर भी काफी प्रेरणादायी है। यह गढ़ी वास्‍तव में दर्शनीय है। गढ़ी एक सभागार है जो पूरी तरह से पत्‍थरों से निर्मित है। इस सभागार में होने वाली संगीत और नृत्‍य की गूंज आज भी यहां सुनाई देती है।


सुरवाया की गढ़ी

इसका निर्माण सहस्त्रवर्धन के गुरु पुरंदर ने शिव मत की शिक्षा देने के लिए 9-10 शताब्दी में कराया गया था। भारत पर मुगलों के अक्रमण के समय इसे बचाने के लिए मिटटी से ढक दिया गया था। 1916 में माधव राव प्रथम ने 16000 रुपए खर्च कर इसका जीर्णाेद्धार कराया था ।



No comments:

Post a Comment