जानिए रन्नौद के खोखई मठ के बारे में। - My shivpuri

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Saturday, June 20, 2020

जानिए रन्नौद के खोखई मठ के बारे में।



शिवपुरी जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दक्षिण  में स्थित रन्नौद नगरी मध्यकालीन युग में शिवपूजा का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र थी। बाद में मुस्लिम शासकों के बाहुल्य ने इसे मस्जिदों और मकबरों से सजा दिया। खोखई मठ, जहांगीरिया मस्जिद, चहर्रुम  बीबी का रोजा तथा नाग देवता की प्रतिमा आदि यहां ऐतिहासिक महत्व के साथ विद्यमान है। प्रसिद्ध मुगल सम्राट औरंगजेब अपनी दक्षिण यात्रा के दौरान कुछ समय यहां रुका था इसका वर्णन उसकी पुस्तक सफरनामे में मिलता है। रन्नौद में ही हाजी अली नामक सूफी संत की दरगाह है जिनके चमत्कारों की चर्चायें आज भी क्षेत्रीय नागरिकों से सुनने को मिल जाती हैं।

खोखई मठ के शिलालेख से विदित होता है कि इसका निर्माण राजा अवंतीवर्मन के शासनकाल में उनके धर्म गुरु पुरन्दर द्वारा करवाया गया था। प्राचीन अभिलेखों में इस स्थान का पूर्ववर्ती नाम रणीपद्र मिलता है। यह मठ 36.50 मीटर लंबे तथा 31.50 मीटर चोड़ें क्षेत्र में स्थित है।

रन्नौद से 3 किलोमीटर दूर जंगल मे गदराई का ताल नामक मैदान है। कहा जाता कि यहाँ अंग्रेजों तथा मराठों के मध्य युद्ध हुआ था। यहां से ईसागढ़ तक पीछे खिसकते हुए सारे मराठा मार दिए गए थे। आज भी इस क्षेत्र में जड़ाऊ जूतियां, अन्य सामान, तथा नर कंकाल खुदाई के समय स्थानीय नागरिकों को मिल जाते हैं।

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